Thursday, February 6, 2014

दोस्त कि मामी

मैं दमन में रहता हूं। हमारे पड़ोस में मेरा दोस्त साजन रहता है। साजन पड़ोस में अकेला रहता है उसके परेंट्स गांव में रहते हैं। एक बार उसकी मामी किसी अधिवेशन के सिलसिले से दमन आयी और उसके घर पर करीब २ महीने रही। सबसे पहले उसके मामी के विषय में आप लोगो बता दूं। मामी करीब ४० साल की सांवली सुडोल शादी शुदा महिला है। वैसे तो वो हाउस वाइफ़ है लेकिन गांव में मशहूर समाज सेविका है। उसके चूतड़ और बूब्स काफ़ी बड़े बड़े और भारी है। शकल सूरत से वो खूब सेक्सी और ३० साल से कम लगती है।



अकसर में शनिवार या साजनवार जो कि मेरे छुट्टी के दिन हैं, साजन के साथ गुजारता हूं। जब से उसकी मामी आयी है तब से मैं मामी से २-३ बार मिल चुका हूं। वो जब भी मिलती तो मुझे अजीब निगाहों से देखती थी मुझे देख कर उसकी नज़रों में एक अजीब नशा छा जाता था या यूं कहिये उसकी नज़र में सेक्स की चाहत झलक रही हो ऐसा मुझे क्यों महसूस हुआ यह मैं बता नहीं सकता हूं लेकिन मुझे हमेशा ही लगता था कि वो नज़रो ही नज़रो से मुझे सेक्स की दावत दे रही हो। मैं जब भी उनसे मिलता तो कम ही बातचीत करता था मगर जब वो बातें करती तो उनकी बातों में दोहरा अर्थ होता था। जैसे हार्दिक तुम खाली समय में कुछ करते क्यों नहीं? मैने कहा मामी जी क्या करु आप ही बतायें। वो बोली तुम्हे खाली समय का और मौके का फायदा उठाना चाहिये। मैने कहा जरूर फायदा उठाउंगा अगर मौका मिले तो। वो बोली मौका तो कब से मिल रहा है लेकिन तुम कुछ समझते नहीं न ही कुछ करते हो?

मैं उनकी बातें सुन कर चकराया और बोला मामी जी आप की बातें मेरे दिमाग में नहीं घुस रही हैं। वो बोली देखो हार्दिक आज और कल यानि शनिवार और साजनवार तुम्हारी छुट्टी होती है तो तुम्हे कुछ कुछ पार्ट टाइम जोब करना चाहिये ताकि तुम्हारी आमदनी भी हो जायेगी और टाइम पास भी होगा। इसी तरह की दोहरे शब्दो में मामी जी बातें करती थी और वो जब भी मुझसे बातें करती तब साजन या तो बाथरूम में होता या फिर किसी काम में व्यस्त होता।

एक दिन जब सुबह करीब ११ बजे साजन के घर पहुंचा तो घर पर उसकी मामी थी। साजन मुझे कहीं नज़र नहीं आया। मैने पूछा मामी जी साजन नज़र नहीं आ रहा है कहां गया वो?

मामी: वो बाथरूम में कब से नहा रहा है। मैं उसीका बाहर निकलने का इन्तज़ार कर रही हूं।

हार्दिक: लेकिन वो तो ज्यादा समय बाथरूम में लगाता ही नहीं तुरंत ५ मिनट में आ जाता है।

मामी हंसते हुए: अरे भाई, बाथरूम और बेडरूम ही तो ऐसी जगह है जहां से कोई भी जल्दी निकलना नहीं चाहता है। मैं कोई जवाब नहीं दे सका वो भी चुप रही। थोड़ी देर बाद साजन बाथरूम से नहा धो कर बाहर आया। उसके बाथरूम से आते ही मामीजी बाथरूम में गयी और मेरी तरफ़ नशीली नज़रों से देखती हुयी बोली घबराना मत मैं ज्यादा समय नहींलगाउंगी। आप लोग नाश्ते के लिये मेरा इन्तज़ार करना, कहते हुए वो बाथरूम में घुस गयी करीब २० मिनट बाद वो तैयार होकर हमारे साथ नाश्ता करने लगी।

नाश्ता करते वक्त साजन ने कहा यार आज मुझे ओफ़िस के काम के सिलसिले में सुरत जाना है। और मैं कल रात को या सोमवार दोपहर को वापस लौटूंगा। अगर सोमवार दोपहर को लौटूंगा तो तुम्हे कल फोन कर दूंगा। अगर तुम्हे ऐतराज़ न हो तो क्या तुम जब तक मैं नहीं आता हूं मेरे घर रुक जाना ताकि मामी को बोरियत महसूस नहीं होगी न ही मुझे उनकी चिंता रहेगी क्योंकि वो दमन में पहली बार आयी हुई हैं। मैने कहा ठीक है नो प्रॉब्लम । और वो १२:३० बजे वाली ट्रेन से सूरत चला गया। मैं भी उसे ट्रेन मे बिठाने के लिये बोरिवली गया जब वापस लौट रहा था तो एक रेस्तौरेंट मे जाकर ३ पेग व्हिस्की पी और लौट कर साजन के घर गया।

घर पर मामी जी हाल मे बैठ कर कोई किताब पढ़ रही थी। मुझे नशीली निगाहों से देखा और बोली साजन को बैठने की सीट मिल गयी थी क्या ? मैने कहा हां क्योंकि ट्रेन बिल्कुल खाली थी। वो बोली कि मैने खाना बना लिया है भूख लगी हो तो बोल देना। मैने कहा अभी भूख नहीं है जब होगी तो बोल दूंगा। मामी की निगाहों में अजीब नशा देख कर मैने पूछा। मामी जी करती क्या हैं? थोड़ी देर तक मेरे नज़रों से नज़रे मिलाती रही फिर बोली "समाज सेवा" ये सुनते ही अचानक मेरे मुंह से निकल गया कभी हमारी भी सेवा कर दीजिये ताकि हमारा भी भला हो जाये। वो हल्के से मुसकुराई और बोली तुम्हारी क्या प्रोब्लम है? मैने कहा वैसे तो कुछ खास नहीं है लेकिन बता दूंगा जब उचित समय होगा। वो मेरे आंखों में आंखें डालती हुए बोली यहां तुम्हारे और मेरे आलावा कोई नहीं है बेझिझक प्रोब्लम कह डालो शायद मैं तुम्हारी प्रोब्लम हल कर दूं?

मैने कुछ नहीं कहा आप किस प्रकार की समाज सेवा करती हो वो बोली मैं जरुरतमंद लोगो की जरुरत पूरी करने की मदद करती हूं उनकी समस्या हल करती हूं। मैने कहा कि मेरी भी जरुरत पूरी करदो न, वो बोली जब वक्त आयेगा तो कर दूंगी फिर वो चुप रही और मैगज़ीन पढ़ने लगी। थोड़ी देर बाद मैने पूछा, मामी जी आप क्या पढ़ रही हैं कुछ खास सब्जेक्ट है क्या इस मैगज़ीन में? वो मुस्कुराते हुए बोली "इस मैगज़ीन में बहुत अच्छा लेख है पत्नी और पति के सेक्स के विषय में। फिर वो पढ़ने लगी। थोड़ी देर बाद उसने पूछा हार्दिक ये उत्तेजना का क्या मतलब होता है? मैं सोचने लगा वो मेरी ओर कातिल निगाहों से देखती हुयी बोली बताओ न। मेरी समझ में नहीं आया कि हिंदी में उसे कैसे बताउं। वो लगातार मेरी और देख रही थी। उसकी आंखों में नशा छाने लगा। मैं उसे गौर से देख रहा था उसके होंठ खुश्क हो रहे थे। वो अपने होंठों पर जीभ फेर रही थी। मैने सोचा अच्छा मौका है मामी को पटाने का। वो इठलाकर बोली बताओ न क्या मतलब होता है? उसकी इस अदा को देखते हुए मैने कहा शायद चुदास। वो बोली क्या कहा क्या मतलब होता है? मैने कहा क्या तुम चुदास नहीं समझती हो? वो बोली कुछ कुछ… क्या यही मतलब होता है? मैने कहा हां शायद यानि कि……।कैसे समझाउं तुम्हे मामीजी मैने उलझ कर कहा।



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