मेरा मन अपनी मां और चाची की चूत मार मार कर अब उकता चुका था गांव वाली बहु की भी चूत का भोसड़ा बना चुका था मैं, हां, मगर उनकी दोनों लड़कियों की प्यास अभी अधूरी ही थी मैं चाहता तो बड़े आराम से उन्हे चोद सकता था बल्कि बुआ खुद ही मेरा लंड पकड़ कर अपनी दोनो बेटी की चूत में घुसेड़ती पर मेरा उनकी बेटियों में कोई इंट्रेस्ट नहीं था पर अब कोइ और चूत भी मेरी नज़र में नहीं थी और लंड था कि उतावला हो रहा था उसे तो चाहिये ही चाहिये खैर उस दिन तो मैने अपनी मम्मी को ही चोदा मगर फ़िर दूसरे दिन मैं बिना इरादा ही सड़क पर टहल रहा था कि अचानक कोई मुझसे टकराया मैने नज़र उठा कर देखा तो करीब ४५-४६ साल की एजेड लेडी रही होंगी मगर मैंटैन बहुत थी मैं भी---
ख्याल में था और वो पता नहीं कैसे मुझसे टकरा गयी मुझे अचानक होश आया तब मैं हड़बड़ा कर उनसे सोरी बोला उनके पोली बेग से कुछ सामान गिर गया था और वो बैठ कर उठा रही थी उनका ब्लाउज़ काफ़ी टाइट था जिसके अंदर उनकि बड़ी-बड़ी चूचियां बाहर निकलने को बेताब थी हालांकि उन्होने पल्लू डाल रखा था मगर पिंक कलर की झीनी सी साड़ी से सब साफ़ नज़र आ रहा था मैं खड़े - खड़े उनके बूब्स का नज़ारा देख रहा था तब ही जैसे मैं नींद से जागा और मैं भी उनका सामान उठाने में मदद करने लगा तभी मैने कहा सोरी आंटी मेरी वजह से आपका सामान बिखर गया वो बोली कोई बात नहीं बेटा ! और सारा सामान रखने के बाद वो मुझसे बोली बेटा तुम नयी जेनेरेशन की यही एक प्रोब्लम है हर कोई कहीं ना कहीं खोया रहता है मैं शर्मिंदा होते हुए बोला नहीं आंटी ऐसी बात नहीं है आप गलत सोच रही है फ़िर उन्होने मुझसे पूछा कि बेटा क्या तुम कोफ़ी पीना पसंद करोगे? मैने तुरंत ही हां में जवाब दिया
और फ़िर हम लोग वहीं पास के कोफ़ी शोप पर बैठ गये वहां ज्यादा तर स्कूली लड़के और लड़कियां ही थे वो उन सबको देख रही थी फ़िर अचानक मेरी तरफ़ देख कर पूछा बेटा आप क्या करते हो? मैने कहा आंटी मैं ला कर रहा हूं वो बोली बहुत खूब मगर तुम्हारा ध्यान किधर था? क्या तुम भी इन सब स्कूली लड़को की तरह नयी तितलियों को ताक रहे थे? उन्होने जिस अंदाज़ में ये बात कही मुझे अज़ीब सा लगा मैने हड़बड़ाते हुए कहा नहीं आंटी ऐसी कोई बात नहीं है खैर आप बतायें आप कहां से आ रही थी तब वो हसते हुए बोली क्या बेवकूफ़ी भरा सवाल करा?
अरे भाई मार्केटिंग कर के आ ही रही थी कि तुमने धक्का मार दिया अच्छा ये बताओ घर में और कौन-कौन है आपके बेटा? मैने कहा मम्मी, पापा और एक छोटी बहन है और आंटी आपके घर में? मैं और मेरी बेटी उनका छोटा सा जवाब मिला मैने पूछा और अंकल? वो बोली बेटा वो ऐयरफ़ोर्स में हैं और मेरा बेटा भी वहीं ट्रेनिंग कर रहा है बहुत उदासी भरी थी उनकी बातों में तब ही अचानक मौसम खराब हो गया और बारिश होने लगी हम लोग बहुत देर तक इधर-उधर की बातें करते रहे करीब २ घंटे बाद भी पानी नहीं रुका तो आंटी कुछ परेशान हो गयी मैने पूछा क्या बात है आंटी आप कुछ परेशान सी है तब उन्होने घड़ि देखते हुए कहा बेटा ८ बज रहे हैं और पानी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा और कोई साधन भी नहीं मिलेगा अब तो तब मैने कहा आंटी मेरा घर करीब में ही है आप चाहे तो चल सकती है तब वो बोली बेटा असल मे घर पर नेहा अकेली होगी और आजकल का माहौल तो तुम जानते ही हो जवान लड़की को अकेला नहीं छोड़ना चाहिये तब मैने कहा आंटी आप यहीं रुके मैं अभी कार ले आता हूं तब वो बोली कि बेटा तुम भीग जाओगे तब मैने कहा आंटी जवान लोगों पर बारिश का असर नहीं होता और मैं भाग कर घर गया और मम्मी को बताया कि एक दोस्त के घर जा रहा हूं कोई ज़रूरी काम है मम्मी रोकती रह गयी कि बेटा बारिश हो रही कल चले जाना मगर मैं रुका नहीं और कार लेकर कोफ़ी शोप पहुंच गया पानी अभी भी बहुत तेज़ था वो जैसे ही शोप से बाहर मेरी गाड़ी तक आयी काफ़ी हद तक भीग चुकी थी और मैं तो पहले ही तर था क्योंकि घर तक जाने में काफ़ी भीग चुका था
खैर थोड़ी ही देर बाद मैं एक बड़ि सी कोठी के सामने रुका कोठी देख कर मैं हैरान रह गया तब ही वो कार से उतरते हुए बोली बेटा कार पार्किंग में पार्क करके घर में चले आओ बहुत भीगे हो चेंज कर लो नहीं तो सर्दी लग जायेगी मैने कहा नहीं आंटी ऐसे कोई बात नहीं आपको घर तक छोड़ दिया अब मेरा काम खतम मैं चलता हूं इजाजत दीजिये तब आंटी ने थोड़ा डांट कर कहा जितना कह रही हूं उतना करो आखिर मैं तुम्हारी मां कि तरह हूं जाओ गाड़ी पार्क करके आओ इतनी देर की बहस में आंटी बिल्कुल तर हो चुकी थी मैं गाड़ी पार्क करने के बाद जब आया तो आंटी वहीं खड़ी थी
उनकी साड़ी बिल्कुल भीग कर उनके शरीर से चिपक चुकी थी पिंक साड़ी के नीचे उनकी ब्लैक डिजाइनर ब्रा साफ़ नज़र आ रही थी हालांकि मेरे मन में अभी तक उनके लिये कोई गलत विचार नहीं थे मगर आखिर कब तक अंदर का शैतान सोया रहता उनको इस पोज़ में देख कर मेरे औज़ार में सनसनी होने लगी मैं कुछ देर तक उनको निहारता रहा तब ही वो मेरी आंखों के आगे चुटकी बजाते हुए बोली कहां खो गये बेटे? तुम किसी डाक्टर को दिखाओ तुम्हारे में कोइ मरज़ लगता है ये और मेरा हाथ पकड़ कर अंदर ले जाने लगी अंदर दाखिल होते ही मुझे एक बहुत ही खूबसुरत लड़की नज़र आयी जिसकी उम्र करीब १५-१६ साल की रही होगी वो मिडी पहने हुए थी और सुरत से बहुत परेशान नज़र आ रही थी आंटी को देखते ही उनसे लिपट गयी मम्मी कहां चली गयी थी आप मैं घबरा रही थी आंटी ने उसको अलग करते हुए कहा मेरी रानी बेटी बाहर पानी बरसने लगा था इस लिये देर हो गयी और मैं फोन लगा रही थी तो एंगेज जा रहा था खैर कोई बात नहीं अब तो मैं आ गयी हूं मेरी बहादुर बच्ची तुमने खाना खाया? उसने कहा जी मम्मी अभी थोड़ी ही देर पहले रामू काका खाना दे कर अपने घर चले गये हैं
अब मुझे भी बहुत नींद आ रही है मैं भी सोने जा रही हूं अचानक मुझे देख कर वो थोड़ा सम्भलते हुए बोली मम्मी ये साहब कौन है? मम्मी ने कहा बेटा आज मैं कार नहीं ले गयी थी और आज ही पानी को बरसना था तो इसने ही मुझे लिफ़्ट दी है इनका नाम राजेश है और तब वो मुझे नमस्ते कर के अपने रूम में सोने चली गयी और अब रूम में मैं और आंटी ही रह गये तब ही आंटी ने मुझे एक लुंगी देते हुए कहा लो ये पहन लो मैने अपने सारे कपड़े उतार दिये और लुंगी बांध ली मैने गंजी और जोकी नहीं उतारी थी तब आंटी बोली बेटा सारे कपड़े उतार दो अभी थोड़ी ही देर में सूख जायेंगे तब पहन लेना और बनियान भी उतार कर निचोड़ लो बहुत भीगी है
तब मैने झिझकते हुए बनियान उतार कर निचोड़ कर अलगनी पर टांग दी और वहीं वाशरूम में जाकर अपनी जोकी भी उतार कर सूखने को डाल दी अब मैं सिर्फ़ लुंगी में था और अभी तक आंटी ने अपनी साड़ी नहीं उतारी थी अब मैं रूम में आया तब देखा कि वो अपना साड़ी का पल्लु निचोड़ रही थी और आंचल हटा होने की वजह से पिंक बलाउज़ के अंदर ब्लैक डिजाइनर ब्रा साफ़ नज़र आ रही थी जिसे मैं अपलक निहार रहा था मुझे एक टक इस तरह देखते हुए आंटी ने कहा क्या देख रहे हो बेटे तुमने अपने तो कपड़े उतार लिये अब मैं भी चेनज कर लूं मेरा मन अब तक आंटी को चोदने के बारे में सोचने लगा था पर हिम्मत नहीं हो पा रही थी तब ही थोड़ी देर बाद आंटी एक बहुत ही झीनी सी नाइटी पहन कर आयी और वहीं सोफ़े पर बैठ गयी और कोफ़ी बनाने लगी
वो कोफ़ी बना रही थी और मैं ललचायी नज़रों से उनकी उभरी हुइ चूची देख रहा था और दिल ही दिल में सोच रहा था कि काश ये आंटी मुझसे चुदवा ले तो कितना मज़ा आयेगा यही सब सोच सोच कर मेरा लंड अपनी औकात में आ चुका था और मुझे इस बात का एहसास ही नहीं हुआ कि कब वो मेरी लुंगी को २ पाट करके बीच से उसकी टोपी बाहर झांक रही थी और आंटी चोर नज़रों से उधर ही देख रही थी मेरा पूरा ध्यान आंटी कि चूची की तरफ़ था और आंटी का ध्यान मेरे औज़ार की तरफ़ तब ही मैने आंटी की नज़रों की तरफ़ देखा तो उनकी नज़रे अपने औज़ार पर टिकी देख कर अंदर ही अंदर खुश हो गया और धीरे से अपनी टांगे और खोल दी ताकी आंटी और अच्छी तरह से लंड का दीदार कर सके उसके बाद हम दोनो ने कोफ़ी पी और उसके बाद मैं अपने कपड़े पहनने लगा और दिल ही दिल में सोच रहा था कि साली अगर आज रोक कर चुदवा ले तो क्या हो जायेगा तड़प तो इसकी भी चूत रही है पर हाय रे इंडियन नारी लाज़ की मारी लंड खायेगी गज़ भर के मगर चुदवाने से पहले शरमायेगी इतना कि पूछो ही मत और जब मुझे कपड़े पहनते हुए आंटी ने देखा तब वो करीब आयी और बोली बेटा अभी कपड़े पूरी तरह से सूखे नहीं है तुम ऐसा करो कि आज यहीं रुक जाओ घर पर काल कर दो मम्मी को तब मैने नाटक करते हुए कहा नहीं आंटी जाना है मुझे तब वो मेरे हाथ से कपड़े छीन कर बोली बेटा मैं तेरी मां जैसी हूं जैसा कह रही हूं वैसा करो कहीं बीमार पड़ गये तो तेरी मम्मी को कौन जवाब देगा
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वो कोफ़ी बना रही थी और मैं ललचायी नज़रों से उनकी उभरी हुइ चूची देख रहा था और दिल ही दिल में सोच रहा था कि काश ये आंटी मुझसे चुदवा ले तो कितना मज़ा आयेगा यही सब सोच सोच कर मेरा लंड अपनी औकात में आ चुका था और मुझे इस बात का एहसास ही नहीं हुआ कि कब वो मेरी लुंगी को २ पाट करके बीच से उसकी टोपी बाहर झांक रही थी और आंटी चोर नज़रों से उधर ही देख रही थी मेरा पूरा ध्यान आंटी कि चूची की तरफ़ था और आंटी का ध्यान मेरे औज़ार की तरफ़ तब ही मैने आंटी की नज़रों की तरफ़ देखा तो उनकी नज़रे अपने औज़ार पर टिकी देख कर अंदर ही अंदर खुश हो गया और धीरे से अपनी टांगे और खोल दी ताकी आंटी और अच्छी तरह से लंड का दीदार कर सके उसके बाद हम दोनो ने कोफ़ी पी और उसके बाद मैं अपने कपड़े पहनने लगा और दिल ही दिल में सोच रहा था कि साली अगर आज रोक कर चुदवा ले तो क्या हो जायेगा तड़प तो इसकी भी चूत रही है पर हाय रे इंडियन नारी लाज़ की मारी लंड खायेगी गज़ भर के मगर चुदवाने से पहले शरमायेगी इतना कि पूछो ही मत और जब मुझे कपड़े पहनते हुए आंटी ने देखा तब वो करीब आयी और बोली बेटा अभी कपड़े पूरी तरह से सूखे नहीं है तुम ऐसा करो कि आज यहीं रुक जाओ घर पर काल कर दो मम्मी को तब मैने नाटक करते हुए कहा नहीं आंटी जाना है मुझे तब वो मेरे हाथ से कपड़े छीन कर बोली बेटा मैं तेरी मां जैसी हूं जैसा कह रही हूं वैसा करो कहीं बीमार पड़ गये तो तेरी मम्मी को कौन जवाब देगा
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